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आने वाले समय में क्या होगी शेयरों की हालत, बता रहे हैं एक्सपर्ट

आने वाले समय में क्या होगी शेयरों की हालत, बता रहे हैं एक्सपर्ट

यूरोप में लॉकडाउन सेंटिमेंट से जुड़ा मुद्दा है। वहीं, भारत की बात की जाए तो यह पूर्ण रूप से अनलॉक की ओर बढ़ रहा है। भारत में रिकवरी रेट 85 फीसद के आसपास है। दूसरी ओर, कुल सक्रिय मामले आठ लाख के आसपास सिमट गए हैं।

ऐसे में यूरोप का लॉकडाउन बहुत अधिक महत्व नहीं रखता है। अब पारस्परिक संबंध देखिए। बुधवार को यूरोपीय बाजार महज एक फीसद से 1.4 फीसद तक टूटे लेकिन भारतीय बाजार 2.5 फीसद से ज्यादा लुढ़क गए। यह समानुपातिक नहीं था। यह पूरी तरह निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी से जुड़ा हुआ था। यह गिरावट महज एक घंटे के भीतर देखने को मिली। वहीं, इससे एक दिन पहले बाजार में काफी तेजी देखने को मिली थी।

Nifty मंगलवार को करीब 12,000 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, तीन कारणों से वह गिरकर 11,650 अंक के स्तर के आसपास आ गया। यूरोप में नए सिरे से लॉकडाउन की आशंका, चीन द्वारा युद्ध की धमकी और मुकेश अंबानी को लंदन के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने की कोरी अफवाह को इनका कारक बताया गया। 

 जानें इस तरह की अफवाहों से बाजार कैसे टूट जाते हैं:-

हमने आपको बताया था कि कॉल और पुट की वजह से हर एक्सपायरी के समय 50,000 से एक लाख करोड़ रुपये तक का बिजनेस होता है। जब कॉल ऊपर चढ़ता है और Nifty में बढ़त रहती है तो लोग कॉल चुनते हैं और प्रीमियम के साथ कॉल खरीदते हैं। इसकी वजह है कि बहुत अधिक मार्जिन की वजह से लोग फ्यूचर्स मार्केट में जाना अफोर्ड नहीं कर पाते हैं। इस वजह से ट्रेडर्स ऑप्शन मार्केट की ओर अपना झुकाव दिखाते हैं। 

निफ्टी जब 11,712 के स्तर पर था तो 11,700 के कॉल की ट्रेडिंग 140 रुपये के प्रीमियम पर हो रही थी। इसका मतलब यह है कि अगर ट्रेडर को 11,700 के कॉल पर पैसे बनाने हैं तो निफ्टी के 11,800 अंक के स्तर से ऊपर जाने पर उसका प्रीमियम 140 रुपये 180 रुपये पर पहुंचेगा और उसे 40 रुपये का फायदा होगा।  अब इस बात को ऐसे देखते हैं कि अगर निफ्टी चार दिन में 11,800 अंक के स्तर पर नहीं पहुंचता है तो 140 रुपये का प्रीमियम जीरो हो जाता है।

हर सीरीज में कम-से-कम 70 लाख शेयरों को लेकर दिलचस्पी दिखायी जाती है। इसका मतलब ये है कि एक सीरीज में 100 करोड़ रुपये का प्रीमियम उतार-चढ़ाव पैदा करने वालों के पॉकेट में चला जाता है। वे इसी के लिए काफी अधिक उतार-चढ़ाव का माहौल तैयार करते हैं। ऐसे में यह कसिनो के जैसा हो जाता है, जहां 100 प्रतिभागियों में 99 हार जाते हैं और केवल एक व्यक्ति की जीत होती है। आप अगर बाजार को ड्राइव करते हैं या बहुत सौभाग्यशाली हैं तो ही आपको इसमें सफलता मिलती है। केवल इसी वजह से बाजार में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।  

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